प्रेतराज सरकार की आरती

प्रेतराज सरकार की आरती — संपूर्ण पाठ, महत्व और लाभ

हिंदू धर्म में प्रेतराज सरकार को पितृ लोक का स्वामी माना जाता है। यमराज के एक स्वरूप के रूप में प्रेतराज सरकार पूर्वजों और पितरों की आत्माओं की रक्षा करते हैं। राजस्थान और उत्तर भारत में प्रेतराज सरकार की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। जिन परिवारों में पितृ दोष हो, पूर्वजों की आत्मा अशांत हो या घर में बार-बार समस्याएं आती हों — उनके लिए प्रेतराज सरकार की आरती अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।

प्रेतराज सरकार की आरती

जय प्रेतराज सरकार, जय प्रेतराज सरकार।
पितरों के रखवाले, जग के पालनहार॥

जय प्रेतराज सरकार॥

यमराज के अवतारा, न्याय के देने वाले।
पाप पुण्य का लेखा, सबको बताने वाले॥
जय प्रेतराज सरकार॥

पितृ लोक के स्वामी, पूर्वज तेरी शरण में।
भटकती आत्माओं को, देते मुक्ति चरण में॥
जय प्रेतराज सरकार॥

काले वस्त्र धारण कर, भैंसे पर विराजे।
दंड और पाश हाथों में, न्याय का डंका बाजे॥
जय प्रेतराज सरकार॥

जो भी सच्चे मन से, तेरा ध्यान लगाए।
पितृ दोष से मुक्ति पाकर, सुख-समृद्धि पाए॥
जय प्रेतराज सरकार॥

श्राद्ध तर्पण जो करे, पितरों को जल देता।
प्रेतराज की कृपा से, मोक्ष का मार्ग लेता॥
जय प्रेतराज सरकार॥

अमावस्या के दिन जो, दीप जलाए तेरा।
पितरों का आशीर्वाद, मिले सवेरा-सवेरा॥
जय प्रेतराज सरकार॥

नित्य आरती जो गाए, प्रेतराज को मनाए।
पितृ ऋण से मुक्त होकर, जीवन सफल बनाए॥
जय प्रेतराज सरकार॥

जय प्रेतराज सरकार, जय प्रेतराज सरकार।
पितरों के रखवाले, जग के पालनहार॥

प्रेतराज सरकार कौन हैं?

प्रेतराज सरकार यमराज का ही एक लोकप्रिय स्वरूप हैं जिनकी विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पूजा की जाती है। इन्हें पितरों का राजा कहा जाता है। जो आत्माएं मृत्यु के बाद भटकती रहती हैं या जिन्हें मोक्ष नहीं मिला — उनकी देखभाल प्रेतराज सरकार करते हैं। यही कारण है कि पितृ पक्ष और अमावस्या के दिन इनकी विशेष पूजा की जाती है।

प्रेतराज सरकार की पूजा क्यों करें?

🔱 पितृ दोष निवारण — जब कुंडली में पितृ दोष हो तो प्रेतराज सरकार की पूजा से शांति मिलती है।

🔱 पूर्वजों की शांति — अकाल मृत्यु प्राप्त या अतृप्त आत्माओं की शांति के लिए यह पूजा की जाती है।

🔱 घर में बाधा निवारण — जब घर में बार-बार अशुभ घटनाएं हों तो प्रेतराज सरकार की आरती करने से बाधाएं दूर होती हैं।

🔱 मोक्ष प्राप्ति — पूर्वजों की आत्मा को मोक्ष दिलाने के लिए यह पूजा अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।

🔱 परिवार की रक्षा — प्रेतराज सरकार की कृपा से परिवार पर किसी भी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों का असर नहीं होता।

पितृ दोष के लक्षण

अगर आपके परिवार में ये समस्याएं बार-बार आती हैं तो पितृ दोष हो सकता है। घर में बार-बार बीमारी आना, संतान में देरी या संतान को कष्ट होना, व्यापार में लगातार नुकसान होना, घर में कलह और अशांति बनी रहना, सपने में पूर्वजों का बार-बार दिखना और परिवार के सदस्यों का अकाल मृत्यु को प्राप्त होना।

प्रेतराज सरकार की पूजा विधि

🪔 अमावस्या या पितृ पक्ष के दिन पूजा का विशेष महत्व है।

🪔 सरसों के तेल का दीपक जलाएं — घी का नहीं।

🪔 काले तिल, काले उड़द, जल और कुशा घास से तर्पण करें।

🪔 पितरों का नाम लेकर जल अर्पित करें।

🪔 प्रेतराज सरकार को काले रंग के वस्त्र और काले फूल अर्पित करें।

🪔 खीर, पूरी और काले तिल का भोग लगाएं।

🪔 आरती करके पितरों से परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।

श्राद्ध और तर्पण का महत्व

हिंदू धर्म में श्राद्ध और तर्पण को पितरों के प्रति कर्तव्य माना गया है। पितृ पक्ष में 15 दिनों तक पितरों का श्राद्ध किया जाता है। इस दौरान प्रेतराज सरकार की आरती करने से पितर तृप्त होते हैं और परिवार को आशीर्वाद देते हैं। गया, हरिद्वार, प्रयागराज और काशी में तर्पण करने से पितरों को विशेष मोक्ष मिलता है।

कब करें प्रेतराज सरकार की पूजा?

अमावस्या — हर महीने की अमावस्या को प्रेतराज सरकार की पूजा करना सबसे शुभ होता है।

पितृ पक्ष — भाद्रपद की पूर्णिमा से आश्विन की अमावस्या तक का समय पितरों की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ है।

शनिवार — शनि देव और यमराज का आपस में गहरा संबंध है इसलिए शनिवार को भी यह पूजा फलदायी होती है।

सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण — इन दिनों किया गया तर्पण अत्यंत प्रभावशाली होता है।

प्रेतराज सरकार को प्रसन्न करने के उपाय

अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। काले कुत्ते को रोटी खिलाएं — यह यमराज का प्रिय जीव माना जाता है। कौवे को भोजन कराएं क्योंकि कौवा पितरों का प्रतीक है। गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दक्षिणा दें। पितरों के नाम से दान करें।

प्रेतराज सरकार का प्रसिद्ध मंदिर

राजस्थान के सरिस्का क्षेत्र में प्रेतराज सरकार का प्रसिद्ध मंदिर है जहां दूर-दूर से भक्त आते हैं। यहां पितृ दोष निवारण और पूर्वजों की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान होते हैं। पितृ पक्ष में यहां विशाल मेला लगता है और हजारों भक्त तर्पण करने आते हैं।

अंतिम बात

प्रेतराज सरकार की आरती और पूजा केवल डर से नहीं बल्कि श्रद्धा और कृतज्ञता से करनी चाहिए। हमारे पूर्वजों ने हमें जो जीवन दिया उसके प्रति कृतज्ञ रहना हमारा धर्म है। नित्य प्रेतराज सरकार की आरती करें, पितरों को जल अर्पित करें और उनका आशीर्वाद लें। पितरों का आशीर्वाद जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लाता है।

जय प्रेतराज सरकार! 🙏 पितरों को शत शत नमन!

इस आरती को अपने परिवार और भक्तजनों के साथ जरूर शेयर करें।

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